Bishnoi saves deer, deers in bishnoi village, bishnoi saves wildlife
 
 
 
 

Latest Video new

[ + view all Video + ]

Latest Photo new

[ + view all Photos + ]

Bishnoi Calendar new

        September 2018
S M T W T F S
            1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16
17
18
19
20
21
22
23
24
25
26
27
28
29
30
           
[ + view all Events + ]

Articles

[ + view all Articles + ]
 
Add to Favorites Contact Us
Welcome : Guest
शब्द ॥ 90 ॥

ॐ चोईस चेड़ा कालंग केड़ा ,अधिक कलावंत आयसैं ।

बैफेर आसन मुकर होय बैसैला , नुगरा थान रचायसैं ।

जाणत भूला महापापी , बहू दुनिया भोलायसैं ।

दिल का कूड़ा कुड़ियारा, उपंग बात चलायसैं ।

गुरु गहणा जो लेवै नाहीं , दश बंध घर बोलायसैं ।

आप थापी महापापी दग्धी परलै जायसैं ।

सतगुरु कै बेड़े न चढै, गुरु स्वामी न भायसैं ।

मन्त्र बेलू ॠध सिद्ध करसै, दे दे कार चलायसैं ।

काठ का घोड़ा निरजीवता , सरजीव करायसैं ।

तानै दाल चरायसैं ।

अधर आसन मांड बैसैला ,मूवा मड़ा हंसायसैं ।

जां जां पवन आसन पाणी आसन , चंद आसन सूर आसन , गुरु आसन समराथले ।

कहै गुरु भूल मत जाईयो , पड़ौला अंभै दो जखै ॥




शब्द ॥ 91 ॥

ॐ छंदे मंदे बालक बुद्धे , कूड़े कपटे ॠध न सिधे ।

मेरे गुरु जो दीन्हीं शिक्षा, सर्व अलिंगण फेरी दीक्षा ।

जाण अजाण बहीया जब जब , सर्व अलिंगण मेटे तब तब ।

ममता हस्ती बांधया काल , काल पर काले परसत डाल ।

धयान न डोलै मन न टलै , अहनिश ब्रहम ज्ञान उच्चरै ।

काया पत नगरी मन पत राजा , पंच आत्मा परिवारूं ।

है कोई आछै मही मण्डल शूरा , मन राय सूं झूझ रचायले ।

अथगा थगायले, अबसा बसायले ।

अनबे माघ पालले ।

सत सत भाषत गुरुरायों ,जरा मरण भो भागूं ॥





शब्द ॥ 92 ॥

ॐ काया कोट पवन कुट वाली , कुकर्म कुलफ बनायो ।

माया जाल भरम का सकंल ,बहु जग रहीया छायो ।

पढ वेद कुराण कुमाया जालूं , दंत कथा जग छायो ।

सिद्ध साधक को एक मतो , जिन जीवत मुक्त दृढायो ।

जुगां जुगां को जोगी आयो , सतगुरु सिद्ध बतायो ।

सहज स्नानी केवल ज्ञानी ब्रहाज्ञानी, सुकृत अहल्यो न जाई ।

क्यों क्यों भणंता क्यों क्यों सुणता , समझ बिना कुछ सिद्धि न पाई ॥



  Website Designed & Maintained By : 29i Technologies