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शब्द ॥ 80 ॥
ॐ जेम्हे सूता रैन बिहावै ।
बरतै बिम्बा बारूं ॥
चन्द भी लीजै सुर भी लीजै ।
लाजै धर गैणारूं ॥
पवण पांणी येपण लाजै ।
लाजै बणी अठारा भारूं ॥
सप्त पाताल फुणींदा लाजै ।
लाजै सागर खारूं ॥
जम्बू दीप का लोइया लाजै ।
लाजै धवली धारूं ।
सिध अरु साधक मुनिजन लाजै ।
लाजै सिरजन हारूं ॥
सतर लाख असी पर जँपा भले न आवै तारूं ॥
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