Bishnoi saves deer, deers in bishnoi village, bishnoi saves wildlife
 
 
शब्द ॥ 56 ॥

ॐ कुपात्र कूं दान जु दीयो ।

जाणै रैन अंधेरी चोर जु लियो ।


चोर जो लेकर भाखर चढियों ।

कह जिवड़ा तैं कैने दीयां ॥


दान सुपाते बीज सुखेते ।

अमृत फूल फलीजैं ॥


काया कसौटी मन जो गूंटी जरणा ढाकण दीजै ।

थौड़े रे मांहि थौड़ा रे दीजै ॥


होते नांह न कीजै ।

जोय जोय नाम विष्णु के बीजे अन्नत गुणां लिख लीजै ॥







शब्द ॥ 57 ॥

ॐ अति बल दानों सब लानों ।

गऊ कोट जे तीर्थ दानों ॥


बहुत करै आचारूं ।

ते पण जोय जोय पार न पायो ॥


भाग प्रापति सारूं ।

घट ऊंधै बरसत बहु मेहा ॥


नीर थयो पण ठालूं ॥


को होयसी राजा दुर्योधन सो ।

विष्णु सभा मह लाणो ।

तिण ही तो जोय जोय पार न पायो ॥


खप खप गया इवाणी ॥


तेऊं पार पहुँचा नाहीं ।

ताकी धोती रही असमानी ॥



  Developed By : iNet Bussiness Hub