Bishnoi saves deer, deers in bishnoi village, bishnoi saves wildlife
 
 
 
 

Latest Video new

[ + view all Video + ]

Latest Photo new

[ + view all Photos + ]

Bishnoi Calendar new

        July 2018
S M T W T F S
1
2
3
4
5
6
7
8
9
10
11
12
13
14
15
16
17
18
19
20
21
22
23
24
25
26
27
28
29
30
31
       
[ + view all Events + ]

Articles

[ + view all Articles + ]
 
Add to Favorites Contact Us
Welcome : Guest
शब्द ॥ 31 ॥

ॐ भल मूल सींचो रे प्राणी ज्यौं का भल बुद्धि पावे ॥


जामन मरण भव काल जू चूकै ।

तो आवागवण न आवे ॥


भल मूल सींचो रे प्राणी ।

ज्यौं तरवर मेलत डालूं ॥


हरि पर हरि की आव न मानी ।

झख्या भूलां आलूं ॥


देवा सेवा टेव न जांणी ।

नं बँच्या जम कालूं ॥


भूलै प्राणी विष्णु न जंप्यौ मूलन खोज्यो ।

फिर फिर जोया डालूं ॥


बिन रैणायर हीरै नीरै ।

नगन सीपे तके न खोला नालूं ॥


चलन चलन्ते बास बसन्ते जीव जीवन्ते काया नवन्ते ।

काँयरे प्राणी विष्णु न घाती भालूं ॥


घड़ी घटंतर पहर पटंतर ।

रात दिनंतर ॥


मास पखंतर ।

क्षिण औल्हर हवा कालूं ॥


मीठा झूंठा मोह बिटंबण ।

मरक समाया जालूं ॥


कबही को बाइंदो बाजत लौई ।

घड़िया मस्तक तालूं ॥


जीवां जौणी पड़ै फासा ।

ज्यौं झींवर मछी मच्छा जालूं ॥


पहलै जीवड़ो चैतो नांही ।

अब उंडी पड़ी पहारूं ॥


जीवर पिंड बिछोड़ो होयसी।

तादिन थाक रहै शिर मारूं ॥



  Website Designed & Maintained By : 29i Technologies